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कर्पूर गौरम करुणावतारं मंत्र का अर्थ

कर्पूर गौरम करुणावतारं मंत्र का अर्थ है:

कर्पूर: कर्पूर श्वेत रंग का होता है और पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक है। यह शव्द शुद्धि और शांति को दर्शाता है।

गौरम: गौरम श्वेत रंग का होने को कहा जाता है और सौंदर्य, शुद्धता, आदर्शता और प्रकाश की प्रतिष्ठा को प्रकट करता है।

करुणावतारं: करुणा भाव से युक्त अवतार होने का संकेत करता है। यह मानवता के प्रति दया, सहानुभूति और प्रेम का प्रतीक है।

इस मंत्र का अर्थ है कि यह देवी दुर्गा के गुणों और महत्त्वपूर्ण विशेषताओं का संकेत करता है। यह एक प्रार्थना मंत्र है जिसे लोग दुर्गा माता की आराधना और स्तुति में उच्चारण करते हैं। यह मंत्र दुर्गा माता की कृपा, शक्ति, सौंदर्य, शांति और सुख के लिए प्रार्थना करता है।

कर्पूर गौरम करुणावतारं किसका मंत्र है?

मुख्य रूप से, “कर्पूर गौरम करुणावतारं” मंत्र भगवान शिव का मंत्र है। यह मंत्र भगवान शिव के गुणों, महत्त्वपूर्ण विशेषताओं, और उनके आदर्श रूप का संकेत करता है। यह मंत्र भगवान शिव की आराधना और स्तुति में उच्चारित किया जाता है और भक्तों को उनके गुणों का आनंद लेने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।

यह मंत्र भारतीय संस्कृति और धार्मिक ग्रंथों में व्यापक रूप से प्रचलित है और भगवान शिव की आराधना के लिए उपयोग किया जाता है। इस मंत्र को जाप करने से भक्त का मन शांत होता है और उन्हें ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, इस मंत्र के जाप से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और उनके आशीर्वाद से भक्त को सुख, समृद्धि, और शांति की प्राप्ति होती है।

यहां मंत्र का संस्कृत में पाठ दिया जा रहा है: कर्पूर गौरं करुणावतारं संसार सारं भुजगेन्द्रहारम्‌। सदा वसन्तं हृदयारविंदे भवं भवानीसहितं नमामि॥

इस मंत्र को अपनी आराधना और ध्यानाभ्यास में उच्चारित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और भक्त को आत्मिक संतोष, मानसिक शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

आरती के बाद कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?


आरती के बाद विभिन्न संस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक संप्रदायों में अलग-अलग मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। यहां कुछ प्रमुख मंत्रों का उल्लेख किया जा रहा है:

  1. जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा: यह मंत्र भगवान गणेश की पूजा के लिए उच्चारित किया जाता है। इस मंत्र के जाप से गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है और शुभकार्यों में सफलता मिलती है।
  2. जय जगदीश हरे: यह मंत्र भगवान विष्णु की पूजा के लिए उच्चारित किया जाता है। इस मंत्र के जाप से विष्णु भगवान की कृपा मिलती है और जीवन में सुख और शांति प्राप्त होती है।
  3. जय देवी जगदम्बे: यह मंत्र मां दुर्गा की पूजा के लिए उच्चारित किया जाता है। इस मंत्र के जाप से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और शक्ति और सुरक्षा मिलती है।
  4. ओम् जय शिव ओंकारा: यह मंत्र भगवान शिव की पूजा के लिए उच्चारित किया जाता है। इस मंत्र के जाप से शिव भगवान की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि मिलती है।

ये मंत्र विभिन्न पूजा पद्धतियों और संप्रदायों में उच्चारित किए जाते हैं। आपकी आरती करने वाली परंपरा और भक्ति में आधारित होकर, आप अपने परिवार के पुराने परंपरागत मंत्रों का उच्चारण कर सकते हैं या आपकी पूजा को अनुकूलित करने के लिए किसी स्थानीय पंडित या धार्मिक गुरु से सलाह लेने की सलाह दी जाती है।

कर्पूर गौरम करुणावतारं पूरा श्लोक Lyrics

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

यह श्लोक भगवान शिव की आराधना के लिए प्रयुक्त होता है। इसका अर्थ है: “मैं हमेशा कर्पूरगौर (जो हरे रंग की तुल्य है) और करुणामय अवतार (जिसमें दया और सहानुभूति है) को मनन करता हूँ, जो संसार का सार है और जिसका हार (माला) नागराज की तरह है। वह सदा ह्रदय में वास करता है और जिसके साथ भवानी (शक्ति माता) सहित भव की उपासना करता हूँ॥”

यह श्लोक भक्तों द्वारा शिव जी की पूजा, आराधना, और उनके गुणों की स्तुति के लिए उच्चारित किया जाता है।

कर्पूर गौरम मंत्र लाभ

कर्पूर गौरम मंत्र का जाप करने से निम्नलिखित लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं:

  1. मानसिक शांति: कर्पूर गौरम मंत्र का जाप करने से मन की शांति, स्थिरता, और स्थैर्य प्राप्त होती है। यह मन को शांत, संतुलित, और ध्यानावस्था में ले जाता है।
  2. स्वास्थ्य लाभ: कर्पूर गौरम मंत्र का जाप करने से शरीर में स्वास्थ्य लाभ होता है। यह मानसिक और शारीरिक तनाव को कम करता है, रक्तचाप को नियंत्रित करता है, मस्तिष्क को शांति और ताजगी प्रदान करता है।
  3. कल्याणकारी शक्ति: कर्पूर गौरम मंत्र का जाप करने से कल्याणकारी शक्ति प्राप्त होती है। यह मंत्र संकटों, दुःखों, और बाधाओं से रक्षा करता है और सुख, समृद्धि, और शांति की प्राप्ति में सहायता प्रदान करता है।
  4. आध्यात्मिक उन्नति: कर्पूर गौरम मंत्र का जाप करने से आध्यात्मिक उन्नति होती है। यह मंत्र आपको भगवान शिव की आनुभूति, आत्मा की ऊँचाई, और आनंद के साथ जोड़ता है। यह आपको सत्य की खोज, स्वयं के मूल्यांकन, और आत्म-समर्पण की अनुभूति में मदद करता है।

ध्यान दें कि कोई भी मंत्र अपनाने से पहले उच्चारण, ध्यान और समर्पण की आवश्यकता होती है। यदि आप कर्पूर गौरम मंत्र का जाप करना चाहते हैं, तो इसे नियमित और निष्ठापूर्वक करें, आदर्शतः सुबह और शाम में अपने ध्यान सत्रों के साथ इसका जाप करें।

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